चित्रकूट में रामचरितमानस की हस्तलिखित पांडुलिपियों के कुछ अंश के साथ ही रामायणकालीन, महाभारतकालीन देवनागरी लिपि अंकित पांडुलिपियां आज भी सुरक्षित हैं।