'सोशल मीडिया पर शायरी डालना कोई जुर्म नहीं...',MP हाई कोर्ट का फैसला, युवक के खिलाफ दायर युवती की याचिका खारिज

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इंदौर हाई कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया पर बिना नाम के द्विअर्थी शायरी लिखना जमानत रद्द करने का आधार नहीं है।