जानकारी के मुताबिक कुछ बड़े बुकी रतलाम के बाहर से भी अपना नेटवर्क ऑपरेट कर रहे हैं, जबकि शहर में ही रोजाना लाखों रुपये का लेन-देन हो रहा है। पुलिस बड़े बुकी तक पहुंचने में नाकाम साबित हो रही है और केवल छोटे स्तर के ग्राहकों तक ही कार्रवाई सीमित है।