मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय टीकाकरण और ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) अभियान के निर्धारित लक्ष्य से पिछड़ने के पीछे मैदानी अमले की बड़ी प्रशासनिक और तकनीकी चूक सामने आई है।