'हारे के सहारे' बाबा खाटू श्याम की आध्यात्मिक यात्रा केवल मंदिर में मत्था टेकने मात्र से पूर्ण नहीं होती। मान्यताओं के अनुसार, इस यात्रा की पूर्णता के लिए कुछ विशेष पड़ावों और नियमों का पालन करना अनिवार्य है।