क्या किसी महिला को महीने में दो बार पीरियड्स आ सकते हैं, कितनी खतरनाक होती है यह सिचुएशन? 

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Irregular Menstruation: महीने में एक बार पीरियड्स होना आम बात है लेकिन 2 बार होना चिंता का विषय बन सकता है. हालांकि, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. अगर यह चीज महिला के साथ बार-बार हो रहा है कि उन्हें महीने में 2 बार पीरियड्स आ रहा है तो बिना समय गवाएं उन्हें तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए. साथ ही आज के समय में महिलाओं में पीरियड्स से जुड़ी कई समस्याएं देखने को मिलती हैं.अपने पीरियड्स साइकल को समझें    आमतौर पर पीरियड का चक्र 28 दिनों का होता है, लेकिन अगर यह 21 से 35 दिनों के बीच भी है तो इसे सामान्य माना जाता है. लेकिन वही अगर आपका पीरियड चक्र 21 दिनों से छोटा या 36 दिनों से बड़ा है, या हर महीने इसकी तारीखों में बहुत ज़्यादा अंतर आता है, तो इसे अनियमित माना जाता है. साथ ही तनाव या लाइफस्टाइल में बदलाव की वजह से कभी-कभी पीरियड की तारीख ऊपर-नीचे होना बिल्कुल नॉर्मल बात है. लेकिन अगर ऐसा बार-बार या लगातार हो रहा है, तो ये आपके शरीर के लिए खतरनाक साबित हो रहा है.यह भी पढ़ेंः थकान और जोड़ों के दर्द को न लें हल्के में, आंतों से शुरू हो सकती है ये बीमारीमहीने में दो बार पीरियड्स होने के पीछे का कारणहार्मोनल असंतुलन: हार्मोन में उतार-चढ़ाव एक महीने में दो बार पीरियड्स आने का सबसे बड़ा कारण है. एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन हमारे पीरियड्स के चक्र को चलाने में मदद करते हैं. वही जब इन हार्मोनों का संतुलन बिगड़ जाता है, तो पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और महीने में एक से ज़्यादा बार आ सकते हैं. यह समझना ज़रूरी है कि बहुत ज़्यादा तनाव, या जीवन जीने के तरीके में बदलाव की वजह से हार्मोन का यह संतुलन बिगड़ सकता है.PCOS: PCOS (पीसीओएस) हार्मोन से जुड़ी एक आम समस्या है जिसकी वजह से पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और महीने में दो बार भी आ सकते हैं. इसमें महिलाओं की ओवरी में छोटी-छोटी गांठें बन जाते हैं, जो पीरियड्स के सही समय को बिगाड़ देते हैं.गर्भाशय फाइब्रॉएड: Uterine Fibroids गर्भाशय में होने वाली छोटी गांठें होती हैं, ये गांठें कहाँ और कितनी बड़ी हैं, इस आधार पर पीरियड्स में बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग या अनियमितता होती है, और कभी-कभी महीने में दो बार भी पीरियड्स भी आ सकते हैं.थायराइड विकार:  थायराइड की समस्या, जैसे हाइपरथायरायडिज्म या हाइपोथायरायडिज्म, आपके पीरियड्स के चक्र को बिगाड़ सकती है. ये बीमारियाँ थायराइड ग्रंथि (thyroid gland) से निकलने वाले हार्मोन को प्रभावित करती हैं, जिससे पीरियड्स के समय और ब्लीडिंग कम या ज़्यादा होने में बदलाव होने लगता है.यह भी पढ़ेंः कमर दर्द के साथ दिखें ये बदलाव तो तुरंत कराएं जांच, हो सकती है किडनी फेलDisclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.