दिल्ली और इससे सटे राज्यों के लोगों को इस एक्सप्रेसवे का लंबे समय से इंतजार था। यह कॉरिडोर दोनों शहरों के बीच की दूरी को 235 किलोमीटर से घटाकर 213 किलोमीटर कर दिया है।