आज के दौर में जहां गायों की उन्नत नस्लें जैसे साहीवाल या गिर बेहतरीन दुग्ध उत्पादन के लिए जानी जाती हैं, लेकिन जिले के किसान इन सभी उन्नत नस्लों की गायों को छोड़ दूध उत्पादन के लिए भैंस पालने को ही तरजीह दे रहे हैं।