ऐतिहासिक भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में छह अप्रैल से शुरू हुई सुनवाई लगातार पांच दिन चली।