जरूरत की खबर- केमिकल से पके 200 किलो आम सीज:5 तरीकों से पहचानें नेचुरल आम, खाने से पहले ऐसे करें साफ, घर पर पकाने के 6 तरीके

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हाल ही में ‘हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम’ (H-FAST) ने केमिकल से पके फलों की बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 200 किलो केमिकल से पके आम सीज किए गए। इन्हें पकाने के लिए ‘कैल्शियम कार्बाइड’ यूज किया गया था। कैल्शियम कार्बाइड से पके आम खाने से कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। ऐसे में बाजार से आम खरीदते समय सावधानी बरतनी जरूरी है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज केमिकल से पके आम के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे- एक्सपर्ट: डॉ. उमेश कुमार, फूड एनालिस्ट, फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, उत्तर प्रदेश डॉ. नरेंद्र कुमार सिंगला, प्रिंसिपल कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- कैल्शियम कार्बाइड क्या है? इससे आम कैसे पकाए जाते हैं? जवाब- ये एक इंडस्ट्रियल केमिकल है, जिसका इस्तेमाल गैस ‘वेल्डिंग’ के काम में होता है। कार्बाइड से आम कैसे पकाया जाता है? सवाल- कार्बाइड से पके आम और पेड़ पर नेचुरल तरीके से पके आम में क्या फर्क होता है? जवाब- कार्बाइड से पके आम और नेचुरली पके आम में स्वाद, न्यूट्रिशन और क्वालिटी का फर्क होता है। इसे ग्राफिक से समझिए- सवाल- क्या कार्बाइड से पका आम खाना सेफ है? जवाब- नहीं, कार्बाइड से पका आम खाना सेफ नहीं है। इसमें आर्सेनिक और फॉस्फोरस जैसे टॉक्सिन्स हो सकते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। सवाल- क्या फल को अच्छे से धोकर, छिलका उतारकर खाना सेफ है? जवाब- नहीं, सिर्फ धोने और छिलका उतारने से कार्बाइड का असर पूरी तरह खत्म नहीं होता है। सवाल- कार्बाइड से पका आम खाने से सेहत को क्या नुकसान हो सकता है? जवाब- कुछ मामलों में असर तुरंत दिखाई देता है। कुछ में यह लंबे समय में सेहत को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। इसके सभी हेल्थ रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- कार्बाइड फलों के जरिए शरीर में कैसे प्रवेश करता है और बॉडी को धीरे-धीरे कैसे डैमेज करता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- यह सेहत को कैसे प्रभावित करता है? धीरे-धीरे असर क्यों दिखता है? सवाल- आम खरीदते हुए कैसे पहचानें कि ये नेचुरली पका है या केमिकल से पकाया गया है? जवाब- इसकी पहचान रंग, खुशबू, टेक्सचर और स्मेल से की जा सकती है। सभी तरीके ग्राफिक में देखिए- सवाल- बाजार से खरीदा आम खाने से पहले क्या सावधानी बरतें? जवाब- बाजार से खरीदा आम खाने से पहले सावधानी जरूरी है, ताकि गंदगी या केमिकल का असर कम हो सके। सभी सावधानियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या आम को बिना केमिकल के भी पका सकते हैं? जवाब- हां, घर पर नेचुरल तरीके से आम पकाया जा सकता है। सभी तरीके पॉइंटर्स में देखिए- अखबार/पेपर बैग में रखकर घास या भूसे (हस्क) में दबाकर चावल के डिब्बे में रखकर केला या सेब के साथ रखकर कपड़े में लपेटकर कार्डबोर्ड बॉक्स में रखकर नेचुरल तरीके से आम पकाने में क्या गलतियां न करें? क्यों बेहतर है नेचुरल पकाना? ऊपर बताए घरेलू तरीके आम को धीरे-धीरे पकाते हैं, जिससे स्वाद और क्वालिटी अच्छे रहते हैं। सवाल- कार्बाइड यूज पर फूड सेफ्टी एजेंसियाें की गाइडलाइन क्या है? जवाब- फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इसे सेहत के लिए खतरनाक बताते हुए सख्त गाइडलाइन जारी की हैं। सवाल- अगर एक्सेस कार्बाइड यूज का शक हो तो कहां और कैसे शिकायत करें? जवाब- इसकी शिकायत सीधे फूड सेफ्टी अथॉरिटी से की जा सकती है। …………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़ें जरूरत की खबर- गोंद कतीरा के 11 हेल्थ बेनिफिट्स: गर्मी में बॉडी को रखे कूल, फाइबर से भरपूर, जानें किन्हें नहीं खाना चाहिए रिसर्च जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी एंड फार्माकोडायनामिक्स (RJPPD) की स्टडी के मुताबिक, गोंद कतीरा गर्मियों में शरीर को नेचुरली कूल रखता है। यह हीट-संबंधी समस्याओं से बचाने में भी कारगर है। पूरी खबर पढ़िए…