कोर्ट ने इसके लिए 30 दिन मोहलत दी है। दरअसल, पूर्व में सरकार ने इस संबंध में अभिवचन दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अदालत में दिए वचन का पालन करना आवश्यक है।