Can Non Smokers Get Oral Cancer: क्या तंबाकू और शराब नहीं पीते हैं तो क्या आप पूरी तरह सुरक्षित हैं? ज्यादातर लोग यही मानते हैं, लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है. मुंह का कैंसर सिर्फ उन लोगों तक सीमित नहीं है जो तंबाकू या शराब का सेवन करते हैं. कई मामलों में यह बीमारी बिना किसी स्पष्ट वजह के भी विकसित हो सकती है, जो इसे और ज्यादा खतरनाक बनाता है. हर साल बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी की चपेट में आते हैं, लेकिन शुरुआती लक्षण इतने हल्के होते हैं कि अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं. यही वजह है कि ज्यादातर केस तब सामने आते हैं जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है और इलाज मुश्किल हो जाता है.कैसे होते हैंओरल कैंसर दरअसल मुंह के सेल्स में होने वाले बदलाव से शुरू होता है, जो धीरे-धीरे अनकंट्रोल रूप से बढ़ने लगती हैं, तंबाकू और शराब इसके सबसे बड़े कारण जरूर हैं, लेकिन यही पूरी कहानी नहीं है, UThealth Houston की रिपोर्ट के अनुसार, अब एक्सपर्ट मानते हैं कि इसके पीछे कई और फैक्टर भी जिम्मेदार हो सकते हैं. डॉ. साइमन यंग प्रोफेसर व एक्टिंग चेयर, कैट्ज डिपार्टमेंट ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के अनुसार, इनमें एक बड़ा कारण एचपीवी इंफेक्शन भी है, जो खासतौर पर गले से जुड़े कैंसर में भूमिका निभाता है. इसके अलावा लंबे समय तक सूजन रहना, धूप का असर, उम्र बढ़ना और शरीर की अपनी संवेदनशीलता भी जोखिम को बढ़ा सकती है. यही कारण है कि कुछ लोगों में बिना किसी स्पष्ट कारण के भी यह बीमारी हो जाती है. इसे भी पढ़ें- Painkiller Side Effects: क्या पेन किलर से सच में खराब हो जाते हैं ऑर्गन, जानें किस मात्रा में सही रहता है इनका सेवन?क्या है इसका सबसे बड़ी दिक्कतसबसे बड़ी समस्या यह है कि मुंह का कैंसर शुरुआत में दर्द नहीं देता. यही वजह है कि लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते. अगर मुंह में घाव लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहा, लाल या सफेद धब्बे दिखाई दे रहे हैं, या निगलने और बोलने में दिक्कत हो रही है, तो यह संकेत हो सकते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. एक्सपर्ट के अनुसार, किसी भी तरह का लक्षण अगर दो हफ्तों से ज्यादा समय तक बना रहे, तो तुरंत जांच करानी चाहिए. समय पर पहचान ही इस बीमारी से बचने का सबसे बड़ा तरीका है, क्योंकि शुरुआती स्टेज में इलाज ज्यादा असरदार होता है.क्या निकला रिसर्च मेंUThealth Houston की रिपोर्ट के अनुसार रिसर्च में यह भी सामने आया है कि नियमित जांच और जागरूकता से इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. यही वजह है कि अब डॉक्टर सिर्फ तंबाकू और शराब से दूर रहने की सलाह ही नहीं देते, बल्कि नियमित ओरल चेकअप को भी उतना ही जरूरी मानते हैं.इसे भी पढ़ें- Metabolic Diseases In India: भारत में तेजी से फैल रही हैं मेटाबॉलिक बीमारियां, कहीं आप भी तो नहीं इसके शिकार?Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.