यह कार्रवाई एनआईए की जांच के आधार पर की गई है। जिसमें सामने आया था कि आरोपी जेल के भीतर रहकर अन्य कैदियों को कट्टरपंथ की ओर प्रभावित करने की साजिश चला रहे थे।