पूरे रूस में इंटरनेट का इस्तेमाल अब काफ़ी हद तक सीमित हो गया है. लोग इसकी तुलना सोवियत दौर की सेंसरशिप और आज के डिजिटल ब्लैकआउट से कर रहे हैं.