रिश्वत की मांग से परेशान होकर आवेदक ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त भोपाल से की। शिकायत के सत्यापन के बाद मंगलवार को योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया।