अब वे नेता पार्टी छोड़कर गए हैं जिन्हें केजरीवाल ने तैयार किया, पार्टी में जगह और ओहदे दिए. ऐसे में ये सवाल भी उठेगा कि केजरीवाल के साथ एडजस्ट होने में लोगों को दिक़्क़त क्यों आ रही है?