विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, दुनिया में 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को आर्थराइटिस है। किसी की समस्या मॉडरेट है तो किसी की गंभीर। आर्थराइटिस के कारण शुरू हुआ जॉइंट पेन लगभग पूरी जिंदगी बना रहता है। कुछ लोग इससे राहत के लिए पेन किलर खाते हैं। ये खतरनाक साबित हो सकता है। इससे किडनी तक डैमेज हो सकती है। ऐसे में सवाल है कि क्या पेन किलर के बिना भी इस दर्द से राहत मिल सकती है? जवाब है– ‘हां’। जॉइंट पेन में घरेलू नुस्खों से राहत मिलती है। ‘जरूरत की खबर’ में आज आर्थराइटिस पेन से राहत के घरेलू नुस्खों की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. पी.के. श्रीवास्तव, पूर्व सीनियर कंसल्टेंट, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, लखनऊ सवाल- आर्थराइटिस क्या है? जवाब- आर्थराइटिस में जॉइंट्स में क्रॉनिक इंफ्लेमेशन हो जाता है। इसके कारण अकड़न बनी रहती है और दर्द होता है। हमारे शरीर में जहां भी दो हड्डियां मिलती हैं, उसे जॉइंट कहते हैं। इन जॉइंट्स में दोनों हड्डियों के बीच एक मुलायम लेयर होती है, जिसे ‘कार्टिलेज’ कहते हैं। जब ये लेयर खराब होने लगती है या इम्यून सिस्टम खुद जॉइंट्स पर हमला करने लगता है (ऑटोइम्यून डिजीज) तो आर्थराइटिस होता है। सवाल- आर्थराइटिस क्यों होता है? जवाब- आर्थराइटिस में कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगता है या उनमें सूजन आ जाती है। सवाल- आर्थराइटिस के दर्द से राहत के लिए लोग अक्सर पेनकिलर ले लेते हैं? इसमें रोज पेन किलर खाना क्यों खतरनाक है? जवाब- आर्थराइटिस के दर्द में पेनकिलर तुरंत राहत तो देते हैं, लेकिन इन्हें रोज खाने से बहुत नुकसान हो सकता है। सभी हेल्थ रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या पेन किलर के बिना भी आर्थराइटिस के दर्द से राहत मिल सकती है? जवाब- हां, कई मामलों में पेन किलर के बिना भी आर्थराइटिस के दर्द को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि- इसके अलावा कुछ हर्ब्स में प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन कम कर सकते हैं। सवाल- आर्थराइटिस पेन का घरेलू इलाज क्या है? जवाब- घरेलू इलाज का मकसद जोड़ों की सूजन को कम करना और जोड़ों को पोषण देना है। कुछ प्रभावी घरेलू नुस्खे ग्राफिक में देखिए- ऊपर ग्राफिक में दिए घरेलू नुस्खों के अलावा हल्का योग, गुनगुने पानी से स्नान, पर्याप्त नींद और संतुलित डाइट भी घरेलू इलाज का अहम हिस्सा हैं। आइए, अब इन सभी नुस्खे के बारे में विस्तार से समझिए- 1. गिलोय और हल्दी 2. गिलोय और अदरक 3. गिलोय और अश्वगंधा 4. गिलोय और गुग्गुल 5. गिलोय और निर्गुंडी सवाल- इन दर्द निवारक घरेलू नुस्खों को कैसे तैयार करें? जवाब- ये दर्द निवारक घरेलू नुस्खे ऐसे तैयार करें- गिलोय+हल्दी/अदरक: आधा चम्मच गिलोय पाउडर में चुटकी भर हल्दी या अदरक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ लें। गिलोय+अश्वगंधा: दोनों का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर लें। गिलोय+गुग्गुल: यह आमतौर पर टैबलेट या पाउडर के रूप में लिया जाता है। गिलोय+निर्गुंडी: काढ़े के रूप में या तेल से मालिश के लिए इस्तेमाल करें। सवाल- ये नुस्खे दिन में कितनी बार और कितने दिन तक लेने चाहिए? जवाब- आमतौर पर दिन में 1-2 बार लिया जा सकता है। सवाल- इन्हें खाली पेट लेना सही है या खाने के बाद लेना ठीक है? जवाब- इसका सही समय आपकी पाचन क्षमता और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। सवाल- क्या इन दर्द-निवारक घरेलू नुस्खों का कोई साइड इफेक्ट भी हो सकता है? जवाब- ज्यादा मात्रा या लंबे समय तक लेने पर कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। सवाल- घरेलू नुस्खे लेते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है? जवाब- जड़ी-बूटियां हमेशा भरोसेमंद सोर्स से लें और शुद्धता का ध्यान रखें। सवाल- अगर बीपी, डायबिटीज या थायरॉइड की दवा चल रही है, तब भी ये नुस्खे ले सकते हैं? जवाब- सावधानी के साथ ही लें। ये बातें ध्यान रखें- सवाल- आर्थराइटिस के केस में किन लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए? कब डॉक्टर को दिखाना अनिवार्य है? जवाब- इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें- इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं- ………………ये खबर भी पढ़िएजरूरत की खबर- फर्मेंटेड फूड खाने से बच्ची की मौत:गर्मियों में ओवर फर्मेंटेशन से इन हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क, बरतें 5 सावधानियां ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक सरकारी स्कूल में फर्मेंटेड चावल खाने के बाद एक 12 साल की बच्ची की मौत हो गई। वहीं 150 से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों ने पखाला भात (फर्मेंटेड चावल), आलू भरता और आम की चटनी खाई थी। आगे पढ़िए…