खाड़ी के देश भी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पर क़रीब से निगाहें जमाए हुए हैं. ईरान ने इन देशों के कई ठिकानों पर हमले किए थे जिससे इन्हें बहुत नुक़सान हुआ था.