13 अप्रैल के हिंसक प्रदर्शन के बाद नोएडा पुलिस ने कई लोगों को गिरफ़्तार किया था. परिवारों और मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि कई लोगों को बिना स्पष्ट जानकारी और सख़्त धाराओं में जेल भेजा गया.