महाराष्ट्र सरकार ने एक मई से मुंबई में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चलाने वालों के लिए मराठी बोलना जरूरी कर दिया था, लेकिन इस फैसले को 6 महीने के लिए टाल दिया गया है।