कोर्ट ने कहा कि इनके विरुद्ध लगाए गए आरोप किसी ठोस साक्ष्य द्वारा समर्थित नहीं हैं और केवल अनुमानों और विस्तृत अभिलेखों से निकाले गए निष्कर्षों पर आधारित हैं।