जांच में सामने आया कि आरोपितों ने विभिन्न बैंकों के खातों का उपयोग कर साइबर ठगी की राशि प्राप्त की। इनके खातों में करीब 50 लाख रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन पाया गया।