आज की फास्ट लाइफस्टाइल में चिप्स और फ्रेंच फ्राइज सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि आदत बन चुके हैं। हल्की भूख हो, मूवी देखनी हो या बस टाइम पास करना हो, हाथ अपने-आप पैकेट की तरफ बढ़ जाता है। लेकिन स्वाद और क्रंच के पीछे छिपा सच इतना हल्का नहीं है। रोजाना खाए जाने वाले ये चिप्स धीरे-धीरे शरीर के अंदर कई गंभीर बदलाव शुरू कर देते हैं। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन‘ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, चिप्स में मौजूद हाई सैचुरेटेड फैट से हाइपरटेंशन, कोरोनरी हार्ट डिजीज और डायबिटीज का रिस्क बढ़ता है। ये एक गंभीर चेतावनी है, क्योंकि बहुत से लोग स्नैक की तरह रोजाना चिप्स खाते हैं। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज हम डेली चिप्स खाने के हेल्थ रिस्क पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. साकेत कांत, सीनियर कंसल्टेंट, एंडोक्रोनोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- अगर कोई रोज चिप्स खाए तो उससे शरीर पर क्या असर पड़ता है? जवाब- शुरुआत में यह मामूली आदत लग सकती है, लेकिन धीरे-धीरे इसका शरीर पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसे ग्राफिक से समझिए- सवाल- चिप्स खाने से इन बीमारियाें का रिस्क क्यों बढ़ जाता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- 1. मोटापा (ओबिसिटी) रिजल्ट- इससे मोटापा, फैटी लिवर, हॉर्मोनल असंतुलन का रिस्क बढ़ जाता है। 2. हार्ट डिजीज रिजल्ट- हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है 3. हाई ब्लड प्रेशर रिजल्ट- BP बढ़ता है। इससे हार्ट और किडनी पर दबाव बढ़ता है। 4. किडनी पर असर रिजल्ट- किडनी फंक्शन कमजोर होता है। क्रॉनिक किडनी डिजीज का रिस्क बढ़ता है। 5. डायबिटीज का खतरा रिजल्ट- टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क बढ़ता है। 6. ब्रेन और मूड पर असर रिजल्ट- मूड स्विंग और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। लंबे समय में फोकस और मेमोरी पर असर पड़ता है। 7. डाइजेस्टिव सिस्टम रिजल्ट- कब्ज, गैस, ब्लोटिंग की समस्या होती है। इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। 8. कैंसर का रिस्क रिजल्ट- लंबे समय में कैंसर का रिस्क हो सकता है। 9. इम्यूनिटी पर असर रिजल्ट- धीरे-धीरे इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। सवाल- अगर कोई रोज एक पैकेट (48 ग्राम) चिप्स खाए तो वह साल भर में कितना नमक, चीनी और पाम ऑयल खाएगा? जवाब- 48 ग्राम के एक पैकेट चिप्स में औसतन 1.3 ग्राम नमक, 11.4 ग्राम चीनी और 46 ग्राम पाम ऑयल (फैट) होता है। अगर कोई एक पैकेट चिप्स रोज खाता है तो वह साल भर में कितना नमक, चीनी और तेल कंज्यूम करेगा। इसे ग्राफिक से समझिए- सवाल- नमक, चीनी और पाम ऑयल के अलावा चिप्स में ऐसा क्या होता है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक है? जवाब- चिप्स में नमक, चीनी और तेल के अलावा कई हिडेन कंपाउंड्स होते हैं, जो लंबे समय में शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ग्राफिक में सभी इंग्रीडिएंट्स देखिए- सवाल- क्या कोई ऐसी साइंस स्टडी या रिसर्च है, जो बताए कि चिप्स खाना सेहत के लिए नुकसानदायक है? जवाब- हां, आपको शायद ये जानकर आश्चर्य हो कि अब तक लाखों लोगों पर हुई 100 से ज्यादा साइंस स्टडीज ये साबित कर चुकी हैं कि चिप्स खाने से मेटाबॉलिक बीमारियों को रिस्क बढ़ता है। उनमें से 3 महत्वपूर्ण स्टडीज इस प्रकार हैं– स्टडी-1 वर्ष- 2025 ‘ग्लोबल मेटा एनालिसिस’ संस्थान- अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (ACC) सैंपल साइज- 80 लाख से ज्यादा लोग फाइंडिंग- हाई BP का रिस्क: 14.5% बढ़ा हार्ट डिजीज का रिस्क: 5.9% बढ़ा कैंसर का रिस्क: 1.2% बढ़ा डाइजेस्टिव इश्यू: 19.5% बढ़े डेथ रिस्क: 2.6% बढ़ा निष्कर्ष- चिप्स खाने से मेटाबॉलिक बीमारियों का रिस्क बढ़ता है। स्टडी-2 वर्ष- 2020 ‘ग्लोबल सिस्टमैटिक रिव्यू’ संस्थान- न्यूट्रिशन जर्नल सैंपल साइज- 3.3 लाख से ज्यादा लोग फाइंडिंग- इन बीमारियाें का रिस्क बढ़ता है- निष्कर्ष- जितना ज्यादा अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड खाते हैं, उतना ही बीमारियों का रिस्क बढ़ता है। स्टडी-3़ वर्ष- 2026 ‘BMJ/EPIC कोहार्ट एनालिसिस’ संस्थान: BMJ न्यूट्रिशन प्रिवेंशन एंड हेल्थ सैंपल साइज: 3 लाख से ज्यादा लोग फाइंडिंग- टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क लगभग 2.77 गुना बढ़ा। निष्कर्ष- जो लोग चिप्स ज्यादा खाते हैं, उनमें डायबिटीज का रिस्क लगभग 3 गुना तक ज्यादा हाेता है। सवाल- क्या रोज चिप्स खाने से इसकी लत भी लग सकती है? जवाब- हां, चिप्स में नमक, फैट और फ्लेवर का ऐसा कॉम्बिनेशन होता है, जो ब्रेन में हैप्पी हॉर्मोन ‘डोपामिन’ बढ़ाता है। इससे बार-बार खाने की क्रेविंग पैदा होती है, जो धीरे-धीरे लत में बदल सकती है। सवाल- क्या चिप्स छोटे बच्चों के लिए ज्यादा नुकसादायक है ? जवाब- हां, छोटे बच्चों के लिए चिप्स ज्यादा नुकसानदायक है, क्योंकि उनका शरीर और इम्यून सिस्टम डेवलविंग फेज में होता है। सवाल- किन लोगों को चिप्स या अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड से ज्यादा सावधान रहना चाहिए? जवाब- कुछ लोगों के लिए चिप्स और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स (UPFs) ज्यादा नुकसानदायक हो सकते हैं। इसलिए इन्हें खास सावधानी रखनी चाहिए। जैसेकि- सवाल- पैकेट वाले चिप्स और घर के बने चिप्स में क्या फर्क है? जवाब- इसे पाॅइंटर्स से समझिए- ध्यान रखें- चिप्स चाहे पैकेज्ड हों या घर पर बने हों, ये रोज खाने के लिए सही नहीं हैं। घर के बने चिप्स कभी-कभार खा सकते हैं। सवाल- चिप्स का हेल्दी विकल्प क्या है? जवाब- कुछ हेल्दी और टेस्टी विकल्प हैं, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद हैं, ग्राफिक में देखिए- सवाल- चिप्स खाने की आदत को कैसे कंट्रोल करें? जवाब- चिप्स खाने की आदत क्रेविंग और हैबिट से जुड़ी होती है। इसे कंट्रोल करने के लिए कुछ स्मार्ट तरीके अपनाना जरूरी है। ग्राफिक में आसान टिप्स देखिए- सवाल- क्या कभी-कभार चिप्स खा सकते हैं? जवाब- डॉक्टर साकेत कांत के मुताबिक, महीने में 1-2 बार खा सकते हैं। लेकिन रोज या बार-बार खाना बेहद नुकसानदायक है। ………………ये खबर भी पढ़िएजरूरत की खबर– धूप में जाने से पहले सनस्क्रीन जरूरी: जानिए SPF 15, 30 या 50 में फर्क, किस स्किन के लिए कौन-सी क्रीम है बेस्ट गर्मियों में बाहर निकलते ही तेज धूप का सामना करना पड़ता है। असल में सूरज की किरणों में अल्ट्रावॉयलेट रेज (UV रेज) होती हैं। ज्यादा देर धूप में रहने से ये धीरे-धीरे स्किन को डैमेज करती हैं। ऐसे में SPF (सन प्रोटेक्शन फैक्टर) सनस्क्रीन स्किन को प्रोटेक्ट कर सकता है। आगे पढ़िए…