याचिका में कहा गया है कि विधायक निर्मला सप्रे पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थीं। लोकसभा चुनाव के दौरान पांच मई, 2024 को राहतगढ़ में मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यक्रम में मंच पर पहुंची थीं।