Holika Dahan 2026 Upay: जब प्रगति के मार्ग में अकारण शत्रु उत्पन्न होने लगे या बिना कारण कामों में रुकावट आने लगे, तो होलिका दहन का अवसर इन नकारात्मक शक्तियों को शांत करने के लिए सर्वश्रेष्ठ है. होली से पहले किया जाने वाला होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा का होता है.होलिका दहन का सटीक समय (Holika Dahan 2026 Time)धार्मिक मान्यता के अनुसार, होलिका दहन के लिए प्रदोषकाल, पूर्णिमा तिथि और भद्रा काल रहित होना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार यदि पूरी रात भद्रा रहे तो भद्रा पुच्छ काल में होलिक दहन किया जा सकता है. ऐसे में 02 मार्च को भद्रा पुच्छ रात 11:53 से रात 01:26 मिनट तक है. इस समय में होलिका दहन कर सकते हैं. होलिका दहन उपायपीली सरसों और नमक का सुरक्षा कवच- होलिका दहन के दिन थोड़ी सी पीली सरसों और सेंधा नमक को एक कागज में लपेटकर अपने ऊपर से 7 बार वार लें और इसे जलती हुई होलिका की अग्नि मे डाल दें. बुरी नजर या नजर दोष उतारने का यह पुराने और पारंपरिक उपाय है.लौंग का उपाय- शत्रु बाधा से मुक्ति के लिए 7 साबुत लौंग लेकर होलिका दहन के समय एक-एक लौंग को अग्नि में डालते जाएं और अपने शत्रु का नाम लेते जाएं. यदि शत्रु का नाम ज्ञात न हो तो 'गुप्त शत्रु' कहते हुए लौंग डालते जाएं. इस उपाय से शत्रु बाधा दूर होती है. काले तिल और साबुत उड़द- होलिका दहन की रात एक मुट्ठी काले तिल और 7 साबुत काली उड़द के दानों को अपने सिर के ऊपर से वार कर अग्नि में समर्पित क दें. यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जिन्हें लगता है कि उन पर कोई तांत्रिक क्रिया प्रभाव या फिर टोना टोटका किया गया है.हनुमान चालीसा का 'संकल्प' पाठ- होलिका दहन की लौ को देखते हुए वहीं खड़े होकर 3 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें. पाठ के अंत में हनुमान जी से शत्रुओं के दमन और आत्म-रक्षा की प्रार्थना करें. हनुमान जी की ऊर्जा किसी भी प्रकार के भय और शत्रु भय को दूर करने में सक्षम हैं.ये भी पढ़ें: Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण 3 मार्च को, जानें सूतक, समय, राशियों पर असर और प्राकृतिक संकेतों की भविष्यवाणीDisclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें