नए ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 के मुताबिक भोपाल के 50 से अधिक कालोनियों को खुद अपना कचरा निष्पादित करना होगा। 20 हजार वर्गमीटर से अधिक फर्श क्षेत्र, 40 हजार लीटर प्रतिदिन पानी उपयोग करने या 100 किलो अपशिष्ट उत्पादन करने वाले आवासीय परिसर, सरकारी भवन और यूनिवर्सिटी इसमें शामिल होंगे।