अली ख़ामेनेई की मौत ने इस्लामिक गणराज्य ईरान को 1979 के बाद सबसे गंभीर संकट में धकेल दिया है. आने वाले दिन यह तय करेंगे कि उनकी गैर मौजूदगी में देश की टॉप लीडरशिप में कितनी एकजुटता रह पाती है.