इस्लामिक रिपब्लिक के झंडे में लिपटे ताबूतों को भीड़ के बीच से ले जाया गया. इस बीच आसपास की आवाज़ें उन माता-पिता के दुख को बयां कर रहीं थीं जिन्होंने अपनी बेटियों को खोया है.