राज्य विद्युत नियामक आयोग की सुनवाई में पावर कंपनी के अधिकारियों ने इस सुविधा की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, यह एक अस्थायी राहत है, जिससे उपभोक्ताओं को बिल भुगतान के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।