अक्षय तृतीया पर होने वाले विवाह आयोजनों में नाबालिग बालिका का विवाह रोकने के लिए दो दल गठित किए गए थे। वहीं गांव और वार्ड में सूचना के लिए लोगों को नियुक्त किया गया।