भोपाल में कथित संगठित नेटवर्क द्वारा नाबालिग लड़कियों को फंसाने, शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोप सामने आए। एसआईटी जांच में संपर्क, भावनात्मक कमजोरी और दबाव बनाने के पैटर्न उजागर हुए।