बैंक आफ इंडिया के आठ खातेदारों की फिक्स डिपाजिट को तोड़कर 23 लाख नौ हजार रुपए की रकम को मुरैना ब्रांच के तत्कालीन कर्मचारियों ने दूसरे आठ खातों में ट्रांसफर कर दिया।