12 वर्षीय बच्चा 56 दिन तक मौत से लड़ता रहा, कई बीमारियां होने के बाद भी बच्चे ने हिम्मत नहीं हारी। इसलिए डॉक्टरों ने उसे धुरंधर नाम दिया है।