इंदौर हाई कोर्ट ने बेंगलूरु निवासी एक पिता की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि बच्चों का अपनी दादी के पास रहना अवैध अभिरक्षा नहीं है। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने बच्चों से बात की, तो उन्होंने अपने पिता के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया।