भारत सरकार की मंशा के अनुरूप मध्य प्रदेश में सहकारिता का विस्तार गांव-गांव तक किया जाएगा। छह सौ रुपये शेयर कैपिटल लेकर सहकारी समितियों में दस लाख नए सदस्य बनाए जाएंगे।