UP की घटना का वीडियो बंगाल में TMC नेता पर हुए हमले का बताकर वायरल

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2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें कुछ लोग एक आदमी का पीछा करते हुए उसे लाठियों से पीटते हुए दिख रहे हैं.दावा: इस वीडियो को शेयर करने वालों ने दावा किया है कि इसमें पश्चिम बंगाल के हिंदू, मुर्शिदाबाद में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता नजरुल इस्लाम की पिटाई कर रहे हैं. इस पोस्ट का अर्काइव यहां देखें( ऐसे ही दावा करने वाले अन्य पोस्ट के अर्काइव आप यहां और यहां देख सकते हैं. )सच क्या है ?: यह दावा गलत है, क्योंकि यह वीडियो 2022 का है और इसमें उत्तर प्रदेश की घटना दिखाई हैं. वायरल वीडियो का पश्चिम बंगाल से कोई संबंध नहीं है. हमने सच का पता कैसे लगाया ?: हमने Google Lens का इस्तेमाल करके वीडियो के एक हिस्से पर 'रिवर्स इमेज सर्च' किया, जिससे हमें OneIndia Tamil की यह रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट में वीडियो का एक स्क्रीनशॉट था.20 जून 2022 को पब्लिश हुई इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 'अग्निवीर' विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के बारे में बताया गया था.रिपोर्ट का ट्रांसलेटेड वर्जन जिसमें वायरल दर्शयों को साफ देखा जा सकता है.यहां से अंदाजा लगाकर हमने इस विरोध प्रदर्शन के अन्य विज़ुअल्स भी ढूंढे.हिंदी में 'अग्निवीर वाराणसी 2022' कीवर्ड्स का इस्तेमाल करके, हमने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह वीडियो ढूंढा.इससे हमें नवभारत टाइम्स का शेयर किया हुआ यह यूट्यूब वीडियो मिला, जो जुलाई 2022 में पब्लिश हुआ था, इस रिपोर्ट में 25 सेकंड पर यही वीडियो दिखाया गया था.यह वीडियो का ज्यादा साफ था, इसलिए यहां हमने दिखाई दिया कि वायरल वीडियो के बैकग्राउंड में लगे बोर्ड पर 'टेलीफोन कॉलोनी नगर निगम वाराणसी' लिखा हुआ था, जो कि उत्तर प्रदेश में स्थित है.निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश का एक पुराना वीडियो इस झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि इसमें पश्चिम बंगाल में हिंदुओं द्वारा एक मुस्लिम TMC कार्यकर्ता, नजरुल इस्लाम पर किया गया हालिया हमला दिखाया गया है.(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर  9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)'भारत को कर्ज' से जुड़ा ट्रंप के बयान का यह ग्राफिक फर्जी है