ये सभी आरोपी 'जिहाद' और 'गजवा-ए-हिंद' जैसी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करने की फिराक में थे।