पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात के वित्तीय डिपॉज़िट्स की वापसी की घोषणा की थी और इसे एक 'सामान्य वित्तीय लेन-देन' क़रार दिया था.