लोकतंत्र के महापर्व में जहां एक ओर उत्साह का माहौल है, वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल के लाखों प्रवासी श्रमिकों के लिए यह चुनाव 'डर' का सबब बन गया है।