बढ़ते वित्तीय दबाव के कारण हिमाचल प्रदेश सरकार को वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन का 30 प्रतिशत तक हिस्सा छह महीने के लिए टालना पड़ा है। सीएम, डिप्टी सीएम, मंत्री और विधायकों की सैलरी का भी एक हिस्सा छह माह तक नहीं मिलेगा।