नियामक आयोग द्वारा बुधवार को जारी नई कास्ट डाटा बुक में यह साफ कर दिया गया है कि बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के तहत प्रीपेड या पोस्टपेड विकल्प चुनने की पूरी आज़ादी है। यह अधिकार विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के अंतर्गत उपभोक्ताओं को मिला हुआ है।