प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले वर्ष पदस्थ 3500 बांडेड डॉक्टरों में से लगभग एक हजार ने अस्पताल गए बिना ही सार्थक एप्लीकेशन पर हाजिरी लगाई। स्वास्थ्य संचालनालय की जांच में पता चला है कि यह गड़बड़ी वर्ष 2023 के पहले से चल रही थी, पर निगरानी की सटीक व्यवस्था नहीं होने के कारण पकड़ में नहीं आई।