जहर इतना ''स्ट्रान्ग'' था कि कई पक्षी पेड़ की शाखा पर बैठे-बैठे ही मर गए। ऐसा प्रतीत होता है कि किसी ने जानबूझकर विषाक्त पदार्थ खिलाया है।" उन्होंने वन विभाग से इस दिशा में विस्तृत जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।