ड्राइविंग के दौरान तेज संगीत सुनना कितना खतरनाक, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

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अगर आप भी गाड़ी चलाते समय तेज संगीत सुनते हैं, तो आपको सावधान होने की जरूरत है. ड्राइविंग करते समय तेज आवाज में संगीत सुनने से हमें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. ड्राइविंग के दौरान तेज आवाज में गाने सुनने से दुर्घटना होने की संभावना काफी बढ़ जाती है, क्योंकि तेज आवाज का संगीत ड्राइवर की हार्ट बीट बढ़ा देता है, जिससे मानसिक तनाव पैदा होता है. यही तनाव सड़क दुर्घटनाओं के बड़े कारणों में से एक माना जाता है.सर्वे क्या कहता है?सर्वे के अनुसार, लगभग 80 प्रतिशत लोगों को ड्राइविंग करते समय तेज आवाज या ज्यादा वॉल्यूम में गाने सुनने की आदत होती है, जो उनकी और सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिए काफी खतरनाक है.वैज्ञानिक शोध क्या बताते हैं?वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, ड्राइविंग करते समय तेज आवाज में संगीत या गाने सुनने से दुर्घटना का खतरा काफी बढ़ जाता है. शोध बताते हैं कि जब कोई ड्राइवर तेज वॉल्यूम में गाने सुनता है, तो उसका अपनी गाड़ी पर कंट्रोल कम होने लगता है. वह ड्राइविंग पर पूरा ध्यान नहीं दे पाता और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने लगता है, जिससे ड्राइवर और सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है.वैज्ञानिक शोध से यह भी पता चलता है कि अगर कोई ड्राइवर अपनी पसंद के गाने सुनता है, तो उसकी ड्राइविंग स्किल बेहतर हो सकती है और उसका ध्यान ड्राइविंग पर ज्यादा केंद्रित रहता है. लेकिन अगर ड्राइवर ऐसे गाने सुनता है जो उसे पसंद नहीं हैं या मजबूरी में सुनने पड़ते हैं, तो इस स्थिति में ड्राइविंग के दौरान गलतियां होना तय हो जाता है. ऐसे में लोग गाड़ी चलाने पर सही से ध्यान नहीं दे पाते, जो सड़क दुर्घटना का कारण बन सकता है.नए ड्राइवर्स पर ज्यादा खतरा20 से 28 साल की उम्र के नए ड्राइवर्स पर किए गए शोध में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. शोध के अनुसार, जो नए ड्राइवर्स ड्राइविंग के दौरान तेज आवाज में संगीत या गाने सुनते हैं, उनका ध्यान ज्यादा भटकता है. ऐसे ड्राइवर्स ने यह भी माना कि तेज आवाज में संगीत सुनने से वे अक्सर गाड़ी की स्पीड लिमिट पार कर देते हैं यानी तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं. अगर आप लंबे रूट पर ड्राइविंग कर रहे हैं और थकान दूर करने के लिए गाने सुनते हैं, तो आपके पसंदीदा गानों का असर दिमाग पर केवल 20 से 25 मिनट तक ही रहता है. इसके बाद यह प्रभाव धीरे-धीरे खत्म हो जाता है.यह भी पढ़ें: Raw Food Diet Benefits: कच्चे ही खाने चाहिए ये 9 फूड, गलती से भी पका लिए तो...Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.