Grey Hair Due To Vitamin Deficiency: आजकल कम उम्र में बालों का सफेद होना यंग भारतीयों में तेजी से बढ़ती समस्या बन गया है. कई लोग अपने 20 की उम्र में ही सफेद बाल देखना शुरू कर देते हैं. वैसे तो बालों का सफेद होना उम्र बढ़ने की एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन समय से पहले इसका बढ़ना चिंता की बात है. इसके पीछे इन्व्हरमेंट, लाइफस्टाइल और पोषण से जुड़ी कई वजहें जिम्मेदार मानी जा रही हैं, जो बालों के नेचुरल रंग को बनाए रखने वाले पिगमेंट को जल्दी खत्म कर देती हैं.मिडिल एज के बाद बालों का सफेद होनाकुछ साल पहले तक बालों का सफेद होना आमतौर पर मिडिल एज के बाद देखा जाता था, लेकिन अब 20 और 30 की उम्र में ही लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं. इसके पीछे आनुवंशिक कारण तो हैं ही, साथ ही आज की लाइफस्टाइल और बाहरी प्रभाव भी इस प्रक्रिया को तेज कर रहे हैं. समय से पहले बालों के सफेद होने को समझने और कंट्रोल करने के लिए इन वजहों को जानना बेहद जरूरी है.प्रदूषण सबसे बड़ी वजहपर्यावरण की बात करें तो शहरी इलाकों में बढ़ता प्रदूषण बालों के लिए सबसे बड़ा दुश्मन बन चुका है. हवा में मौजूद जहरीले तत्व और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बालों की जड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं और मेलेनिन के उत्पादन को कम कर देते हैं. मेलेनिन ही वह तत्व है जो बालों को उनका प्राकृतिक रंग देता है. इसके साथ ही आज की तेज रफ्तार जिंदगी में बढ़ता तनाव भी हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है, जिससे बाल कमजोर होते हैं और जल्दी सफेद होने लगते हैं.इन चीजों की कमी से भी होते हैं बाल सफेदएक्सपर्ट के अनुसार, खानपान भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है. आज की आधुनिक डाइट में प्रोसेस्ड फूड ज्यादा और जरूरी पोषक तत्व कम होते हैं. इससे बालों को सही पोषण नहीं मिल पाता और जरूरी विटामिन व मिनरल्स की कमी मेलेनिन को तेजी से खत्म कर देती है, जिससे कम उम्र में ही सफेद बाल नजर आने लगते हैं. इसके अलावा केमिकल से भरे हेयर प्रोडक्ट्स भी इस समस्या को बढ़ाते हैं. कई शैंपू, हेयर डाई और स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स में सल्फेट, पैरबेन जैसे हार्श केमिकल्स होते हैं, जो बालों के नेचुरल ऑयल को खत्म कर देते हैं और पिगमेंटेशन को नुकसान पहुंचाते हैं. हीट स्टाइलिंग टूल्स का ज्यादा इस्तेमाल भी बालों को कमजोर बनाता है. ऐसे में सल्फेट-फ्री और पैरबेन-फ्री, नेचुरल और साइंस-बेस्ड हेयर केयर प्रोडक्ट्स अपनाने से इस प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है.पोषक तत्वों की कमी भी समय से पहले बाल सफेद होने की एक बड़ी लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली वजह है. कॉपर मेलेनिन बनाने में अहम भूमिका निभाता है और इसकी कमी से बालों का रंग धीरे-धीरे उड़ने लगता है. इसी तरह विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, खासकर बी12 और बी5 की कमी से बालों की जड़ें कमजोर होती हैं. आयरन, जिंक और फोलिक एसिड भी बालों की सेहत के लिए जरूरी हैं. हरी सब्जियां, नट्स, बीज, डेयरी प्रोडक्ट्स और प्रोटीन से भरपूर आहार इन कमियों को दूर करने में मदद कर सकते हैं.यह भी पढ़ें: Bluetooth Earphones Cancer Risk: क्या कान में ब्लूटूथ ईयरफोन लगाने से भी हो जाता है कैंसर, क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.