PAK नेता का दावा- जयशंकर खुद हाथ मिलाने आए:कहा- आपको पहचानता हूं; विदेश मंत्री ढाका में पाकिस्तानी संसद के स्पीकर से मिले थे

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पाकिस्तान संसद के स्पीकर अयाज सादिक ने दावा कि है कि भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर खुद उनसे हाथ मिलाने आए थे। यह मुलाकात 31 दिसंबर को ढाका में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार के दौरान हुई। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने बाद में X पर पोस्ट कर बताया कि जयशंकर ने खुद आगे बढ़कर अयाज सादिक से हाथ मिलाया और कहा कि वे उन्हें पहचानते हैं। इस दौरान नेपाल, भूटान और मालदीव के प्रतिनिधि भी वहां मौजूद थे। भारत–पाकिस्तान के बीच मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहली बार था, जब दोनों देशों के बड़े नेताओं ने आमने-सामने मुलाकात की और हाथ मिलाया। इसी वजह से इस मुलाकात को कूटनीतिक तौर पर अहम माना गया। क्रिकेट के मैदान में खिलाड़ियों ने हाथ नहीं मिलाए थे इस मुलाकात को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले साल सितंबर में एशिया कप के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था। इससे साफ दिखता था कि दोनों देशों के रिश्ते कितने तनावपूर्ण हो चुके हैं। पिछले साल अप्रैल में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाए थे। सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया। पाकिस्तान ने इन आरोपों से इनकार किया था। इसके बाद मई में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक संघर्ष हुआ था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहद तल्ख हो गए थे। ऐसे माहौल में ढाका में हुआ यह हाथ मिलाना कई लोगों को चौंकाने वाला लगा। क्या दोनों देशों के रिश्तों में बदलाव आएगा अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के कई एक्सपर्ट्स ने इसे नए साल से पहले रिश्तों में हल्की नरमी का संकेत बताया। उनका कहना है कि कम से कम राजनयिक स्तर पर सामान्य व्यवहार की वापसी जरूरी है। हालांकि भारत के कुछ जानकारों का मानना है कि इसे ज्यादा महत्व नहीं दिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, एक ही कमरे में मौजूद दो वरिष्ठ नेताओं का हाथ मिलाना सामान्य शिष्टाचार भी हो सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक मई 2025 के संघर्ष के बाद बनी कड़वाहट इतनी गहरी है कि रिश्तों में जल्दी सुधार मुश्किल है। फिलहाल दोनों देशों के बीच आधिकारिक संवाद लगभग ठप है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया भारत ने पाकिस्तान पर हमले की शुरुआत 6 और 7 मई की रात से की। भारत ने पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया था। इन ठिकानों में पाकिस्तान के पंजाब राज्य के बहावलपुर और मुरीदके जैसे इलाके भी शामिल थे। इसके जवाब में 8 मई की शाम को पाकिस्तान ने भारत के एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला करने की कोशिश की। उसने तुर्किये और चीन के ड्रोन का इस्तेमाल किया, लेकिन इसमें उसे कामयाबी नहीं मिली। भारत की वायु रक्षा पूरी तरह से एक्टिव थी और छोटे हथियारों से लेकर बड़े एयर डिफेंस सिस्टम तक हर हथियार तैयार था। इन हथियारों ने पाकिस्तान के ड्रोन को काफी नुकसान पहुंचाया। भारतीय सेना ने भी सीमा के दूसरी तरफ भारी तोपों और रॉकेट लॉन्चरों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान की सेना को बुरी तरह से उलझा कर रखा और उसे बड़ा नुकसान पहुंचाया। -------------------------------- भारत-पाकिस्तान से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... भारत-पाकिस्तान ने एक-दूसरे को परमाणु ठिकानों की जानकारी दी:35 साल पुरानी परंपरा; ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उड़ी थी किराना हिल्स पर हमले की अफवाह भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार 1 जनवरी को एक-दूसरे के साथ अपने परमाणु ठिकानों की लिस्ट शेयर की है। ये ठिकाने वही हैं, जहां दोनों देशों के परमाणु हथियार रखे जाते हैं। यह परंपरा पिछले 35 साल से चल रही है। भारत और पाकिस्तान ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद में राजनयिक चैनलों के जरिए इस लिस्ट का आदान-प्रदान किया। पूरी खबर यहां पढ़ें...