स्वच्छतम शहर की ऐसी गंदी शक्ल देखकर सब भौचक और दुखी हैं। अब तक 16 निरपराध नागरिकों की मौत हो चुकी है, कुछ की हालत नाजुक है। इसके बावजूद राजनीति और सरकारी बाबुओं का कारोबार तेजी से सामान्य हो रहा है। दो-चार दिन में भागीरथपुरा उनकी स्मृति में धूमिल होने लगेगा।