Magh Mela 2026: प्रयागराज में माघ मेले का भव्य शुभारंभ हो चुका है. पौष पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. ये मेला 3 जनवरी से 15 फरवरी तक रहेगा. सनातन माघ मेले के शुरू होते ही प्रयागराज के संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. कड़ाके की ठंड को दरकिनार कर श्रद्धालु आस्था की डुबकी संगम में लगाई. यहां देश के अलग-अलग राज्यों से आए श्रद्धालु, संत और कल्पवासी प्रयागराज में डेरा डाले हुए हैं.सनातन का महापर्वमाघ मेले को मीनी कुंभ कहा जा रहा है. कहा जाता है कि माघ में तीर्थराज प्रयाग में संगम पर जो आस्था की डुबकी लगाता है उसके लिए मोक्ष के रास्ते खुल जाते हैं, वह समस्त पापों से मुक्त हो जाता है. 44 दिनों तक संगम की रेती पर श्रद्धालु कठिन जप-तप करेंगे. पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा पर माघ मेले में करीब 12-15 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है. View this post on Instagram A post shared by Simhastha_2028 (@ujjain_simhastha_2028)माघ मेले 2026 का दूसरा स्नान कबमाघ मेले में प्रमुख तिथियों पर स्नान का महत्व है. पौष पूर्णिमा के बाद अब माघ मेले में दूसरा प्रमुख स्नान 14 जनवरी मकर संक्रांति पर किया जाएगा. इस दिन से सूर्य उत्तर दिशा की ओर गति करते हैं. मकर संक्रांति पर गंगा में स्नान करना देवी-देवताओं का आशीर्वाद पाने का अवसर होता है. माघ मेले में कुल 6 प्रमुख स्नान होंगे. मकर संक्रांति पर स्नान के अलावा दान का भी महत्व है.माघ मेला 2026: प्रमुख स्नान तिथियां3 जनवरी 2026 पौष पूर्णिमा14 जनवरी 2026 मकर संक्रांति18 जनवरी 2026 मौनी अमावस्या23 जनवरी 2026 बसंत पंचमी1 फरवरी 2026 माघी पूर्णिमा15 फरवरी 2026 महाशिवरात्रिVIDEO: माघ मेले में पहली बार कल्पवास करेगा किन्नर अखाड़ा, झूमकर नाचीं किन्नर साध्वियांDisclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.