बीते कुछ दिनों से नेत्रहीन युवक सुनील लोधी का बुंदेली लोक गीत सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. गाने का नाम है, “ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान, हमारे संकट प्रभु है”, सुनील ने इस गीत को बेहद सादगी और भक्ति भाव से गाया है.बता दें कि सुनील देख नहीं सकते हैं, लेकिन उनकी आवाज में इतना आत्मविश्वास है कि, वीडियो में साफ महसूस किया जा सकता है. बिना किसी आधुनिक संगीत उपकरण, भारी अरेंजमेंट या तकनीकी तामझाम के, सुनील ने बुंदेली लोकधुन में हनुमान जी के इस भजन को बड़ी ही सहजता के साथ प्रस्तुत किया है.यही कारण है कि, यह वीडियो तेजी से अलग-अलग सोशल मीडिया पर पसंद किया जा रहा है. सुनील का गीत बुंदेलखंड की लोकसंस्कृति का प्रतीकयह गीत मात्र भजन नहीं, अपितु बुंदेलखंड की लोकसंस्कृति और आस्था का प्रतीक भी है. “ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान” जैसी पंक्तियां भक्ति-भावना को दर्शाती हैं, जहां लोग आज भी संकट के समय में हनुमान जी को अपना सबसे बड़ा सहारा मानते हैं. सुनील द्वारा गाया गया ये भजन लोगों को पसंद आ रहा है.वीडियो वायरल होने के बाद लोगों जमकर सुनील लोधी की तारीफ कर रहे हैं. हर कोई उनके संघर्ष को सलाम कर रहा है. सोशल मीडिया पर यूजर्स ये भी कहा रहे हैं कि, प्रतिभा किसी भी शारीरिक कमी की मोहताज नहीं होती. सुनील ने यह साबित कर दिया कि, लगन सच्ची हो तो आपको चमकने से कोई रोक नहीं सकता है. वायरल भजन के बोलपवन तनय संकट हरण, मंगल मूरत रूप,राम लखन सीता सहित, ह्रदय बसहुँ सुर भूप।बोलिये संकट मोचन हनुमान की-जय !ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान,हमारे संकट काटो प्रभु,ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान,हमारे संकट काटो प्रभु,अरे अंजनी पुत्र केसरी नंदन,तुम जग जग के काटत बंधन,तुम्हरे ह्रदय बसे रघुनन्दन,हाँ अंजनी पुत्र केसरी नंदन,तुम जग जग के काटत बंधन,तुम्हरे ह्रदय बसे रघुनन्दन,की तुमरे ह्रदय में,हाँ तुम्हारे ह्रदय में बैठे सीताराम,हमारे संकट काटो प्रभु,ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान,हमारे संकट काटो प्रभु।जय हो!अरे तुमको जानत है जग सारो,संकट मोचन नाम तुम्हारो,आके संकट हरो हमारो,हाँ तुमको जानत है जग सारो,संकट मोचन नाम तुम्हारो,आके संकट हरो हमारो,की तुमको संकट मोचन,हाँ तुमको संकट मोचन मानत हे भगवान,हमारे संकट काटो प्रभु,ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान,हमारे संकट काटो प्रभु।जय हो !अरे बड़े बड़े दानव सब मारे,रामचंद्र के काज सँवारे,आ के संकट हरो हमारे,हाँ बड़े बड़े दानव सब मारे,रामचंद्र के काज सँवारे,आ के संकट हरो हमारे,की लक्ष्मण जी के,अरे हाँ लक्ष्मण जी के,बचा लै तुमने प्राण,हमारे संकट काटो प्रभु,मोरे संकट के कटैया हनुमान,हमारे संकट काटो प्रभु,ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान,हमारे संकट काटो प्रभु।Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.