अमेरिका ने मादुरो के कुत्ते-बिल्ली तक की जासूसी कराई:5 महीने हमले की प्लानिंग की; करीबी से खुफिया जानकारी जुटाई; ट्रम्प ने लाइव देखा मिशन

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समय- अगस्त 2025 जगह- कराकस अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) की एक सीक्रेट टीम वेनेजुएला में पहचान बदलकर दाखिल हुई। इस टीम में अनुभवी एजेंट शामिल थे। इनका मिशन था मादुरो की हर हरकत पर नजर रखना। उससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटाना। वे बिना किसी को शक हुए महीनों तक कराकास की गलियों में छिपकर रहे। वे मादुरो के रोजाना के रूटीन को ट्रैक करते। जैसे वे सुबह कहां जाते, क्या खाते, किससे मिलते, यहां तक कि उनके पालतू जानवरों की आदतें भी नोट की जातीं। अमेरिका का एक करीबी इनसाइडर जो मादुरो के सर्कल में था, उसने ऑपरेशन के लिए कई खास टिप्स दिए। ऊपर आसमान में कई अमेरिकी स्टेल्थ ड्रोन उड़ते रहते, जो बिना पता चले वीडियो और फोटो भेजते। NYT की रिपोर्ट के मुताबिक यह सब इतना खतरनाक था कि अगर पकड़े जाते, तो मौत निश्चित थी। वेनेजुएला में अमेरिकी दूतावास 2019 से बंद है, जिसके कारण एजेंटों को कोई बाहरी मदद भी नहीं मिल पा रही थी। स्टोरी में जानिए अमेरिकी सेना ने ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व चलाकर कैसे वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उनके घर से उठाया... ड्रग तस्करी को लेकर मादुरो से नाराज थे ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने निकोलस मादुरो को 2020 से एक नार्को-टेररिस्ट घोषित कर रखा था। मादुरो पर आरोप थे कि वह ड्रग तस्करी में शामिल हैं, कोकेन को अमेरिका पहुंचाने में मदद करते हैं। ट्रम्प की नजर में यह सिर्फ ड्रग्स की बात नहीं थी। यह वेनेजुएला की तेल संपदा और राजनीतिक नियंत्रण का खेल था। महीनों से अमेरिका ने मादुरो के खिलाफ योजना बना रखी थी, और अब वह एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहे थे। मादुरो को पकड़ने के लिए अमेरिका ने फूल प्रूफ प्लान बनाया मादुरो को पकड़ने की जिम्मेदारी अमेरिका के सबसे खतरनाक और स्पेशल यूनिट डेल्टा फोर्स को सौंपा गया। अमेरिका के केंटकी शहर में जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड ने मादुरो के कंपाउंड का फुल-स्केल मॉडल बनाया। इस मिशन को नाम दिया गया 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' (पूरी तरह से समस्या का हल)। कमांडो दिन-रात प्रैक्टिस करते। स्टील के दरवाजे तोड़ने की स्पीड बढ़ाते, अंधेरे में नेविगेट करना सीखते, और हर संभावित खतरे का सामना करने की तैयारी करते। अमेरिका ने मादुरो के ठिकाने की जानकारी जुटाई डेल्टा फोर्स जानती थी कि तनाव और जंग जैसे हालात के कारण मादुरो किसी एक जगह पर नहीं रहते। वे 6 से 8 जगहों पर बारी-बारी से रह रहे थे। अमेरिका को देर शाम तक यह पता नहीं चल पाता था कि वह कहां रुकने वाले हैं। ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए, अमेरिकी सेना को इस बात की जानकारी होना जरूरी था कि मादुरो उसी परिसर में मौजूद रहे जिस पर वे हमला करने वाले हैं। इसलिए, सटीक टाइमिंग जरूरी थी। फोर्स अच्छे मौसम और ऐसे समय का इंतजार कर रही थी जब नागरिकों के हताहत होने का खतरा कम से कम हो। अमेरिका ने हमले से पहले लड़ाकू विमानों की तैनाती बढ़ाई छापे से पहले के दिनों में, अमेरिका ने क्षेत्र में विशेष अभियान विमानों, इलेक्ट्रॉनिक वॉरशिप, रीपर ड्रोन, खोज और बचाव हेलीकॉप्टरों और लड़ाकू विमानों की तैनाती बढ़ा दी। अंतिम समय में की गई ये अतिरिक्त तैनाती इस बात का संकेत थी कि अमेरिकी सेना ऑपरेशन के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमले से एक हफ्ते पहले CIA ने वेनेजुएला के एक पोर्ट पर ड्रोन स्ट्राइक की, जो ड्रग शिपमेंट को नष्ट करने के लिए थी। अमेरिका पिछले 4 महीनों से कैरिबियन और ईस्टर्न पैसिफिक में नावों पर हवाई हमले कर रहा हैं। ट्रम्प का दावा है कि यह नाव ड्रग लेकर जा रहे थे। इसमें 115 से ज्यादा लोग मारे गए। अमेरिकी हमलों को रोकने के लिए मादुरो ने 23 दिसंबर को ट्रम्प प्रशासन के आगे एक डील रखी। इसमें मादुरो ने अमेरिका के सामने वेनेजुएला के तेल तक पहुंच प्रदान करने का प्रस्ताव रखा। हालांकि ट्रम्प ने मादुरो को देश छोड़कर तुर्किये जाने को कहा। इससे मादुरो गुस्सा हो गए और डील को खारिज कर दिया। इसपर एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ट्रम्प को पता था कि मादुरो सीरियस नहीं हैं। खराब मौसम से पहले हमले का प्लान टला था ट्रम्प ने अमेरिकी सेना को 25 दिसंबर को ही आगे बढ़ने की अनुमति दे दी थी, लेकिन सटीक समय का फैसला पेंटागन के अधिकारियों और अभियान को लीड करने वालों पर छोड़ दिया था। अधिकारियों ने क्रिसमस की छुट्टियों का मौका चुना क्योंकि इस समय कई वेनेजुएलाई अधिकारी छुट्टी पर थे और सेना के जवान घर गए थे। हालांकि, इस समय वेनेजुएला का मौसम खराब था, इसलिए ऑपरेशन टलता रहा। आखिरकार, 3 जनवरी 2026 की रात मौसम साफ हुआ। शाम 4:30 बजे से असेट्स लॉन्च होने लगे। स्पेशल ऑपरेशंस एयरक्राफ्ट, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर प्लेन, आर्म्ड रीपर ड्रोन, सर्च-एंड-रेस्क्यू हेलीकॉप्टर और फाइटर जेट। ये सब रीजन में इकट्ठे हो गए। ट्रम्प मार-ए-लागो में अपने क्लब में डिनर कर रहे थे, जहां कैबिनेट मेंबर्स और एड्स मौजूद थे। रात 10:30 बजे ट्रम्प के पास फाइनल गो-ऑर्डर (आखिरी आदेश) के लिए फोन आया। ट्रम्प ने 10:46 बजे अप्रूवल दिया, और फिर सिक्योर रूम में जाकर लाइव मॉनिटरिंग शुरू की। ट्रम्प ने कहा, "मैंने इसे बिल्कुल वैसे ही देखा जैसे मैं कोई टेलीविजन शो देख रहा था।" बिजली काटी, 150 से ज्यादा मिलिट्री एयरक्राफ्ट से धावा बोला ऑपरेशन शुरू हुआ साइबर अटैक से। अमेरिकी हैकर्स ने कराकास के बड़े हिस्से की बिजली काट दी। पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। 150 से ज्यादा मिलिट्री एयरक्राफ्ट 20 अलग-अलग बेस और नेवी शिप्स से उड़े और कई ठिकानों पर एक साथ धावा बोल दिया। ये हेलिकॉप्टर समुद्र के ऊपर बहुत नीचे, सिर्फ 100 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हुए वेनेजुएला पहुंचे। जैसे ही विमान कराकस की ओर बढ़े, सैन्य और खुफिया एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि सब कुछ सही से हो। किसी को इस ऑपरेशन की भनक न लगे। पहले वेनेजुएला के रडार और एयर डिफेंस बैट्रीज पर बॉम्ब गिरे। हालांकि, अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ज्यादातर हमले इंस्टॉलेशन और रेडियो टावर पर किए गए थे, जिससे लोगों की जान न जाए। फिर हेलीकॉप्टर ने अपना काम शुरू किया। 160th स्पेशल ऑपरेशंस एविएशन रेजिमेंट के नाइट स्टॉकर्स, जो रात में कम ऊंचाई पर उड़ने के माहिर हैं। उन्होंने डेल्टा फोर्स को फोर्टे तिउना मिलिट्री बेस पर उतारा, जो वेनेजुएला का सबसे मजबूत किला था। यहां मादुरो अपनी पत्नी के साथ सो रहे थे। एक्सप्लोसिव से दरवाजा उड़ा, सोते राष्ट्रपति को पत्नी के साथ गिरफ्तार किया अमेरिकी सैनिक रात के करीब 2:01 बजे हेलीकॉप्टर कंपाउंड पर पहुंचे। वेनेजुएला की सिक्योरिटी को अंदाजा लग गया था कि बड़ा हमला हुआ है। दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई। वेनेजुएला सैनिकों की फायरिंग में एक अमेरिकी हेलीकॉप्टर हिट हुआ, लेकिन अमेरिकियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग से जवाब दिया। डेल्टा फोर्स ने एक्सप्लोसिव से दरवाजा उड़ाया। 3 मिनट में वे बिल्डिंग के अंदर थे, और मादुरो के कमरे तक पहुंच गए। मादुरो और सिलिया फ्लोरेस स्टील-रिनफोर्स्ड सेफ रूम में भागने लगे। ट्रम्प ने बाद में कहा, "वह सेफ प्लेस पर जाने की कोशिश कर रहे थे। दरवाजा बहुत मोटा था, लेकिन वे खुद को बंद नहीं कर पाए।" अमेरिकी कमांडो ने उन्हें रोक लिया। एफबीआई का होस्टेज नेगोशिएटर साथ था, लेकिन जरूरत नहीं पड़ी। इमारत में घुसने के लगभग पांच मिनट बाद, डेल्टा फोर्स ने सूचना दी कि उन्होंने मादुरो को हिरासत में ले लिया है। मादुरो को ब्रुकलिन जेल में रखा कमांडो ने उन्हें हेलीकॉप्टर में बिठाया। सुबह करीब 3 बजकर 29 मिनट पर अमेरिकी सैनिक वेनेजुएला से बाहर निकल गए। 4:29 बजे तक मादुरो और उनकी पत्नी को US इवो जिमा पर भेज दिया गया। वहां से उन्हें ग्वांतानामो बे, और फिर न्यूयॉर्क के मिलिट्री एयरपोर्ट पर लाया गया। मादुरो को ब्रुकलिन जेल में रखा गया है। वेनेजुएला में 40 लोगों की मौत, ट्रम्प बोले- इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक करेंगे इस ऑपरेशन में अमेरिका के आधा दर्जन सैनिक घायल हुए, जबकि वेनेजुएला में 40 सैनिक और सिविलियन मारे गए। ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला को चलाए। उन्होंने कहा- हम उनके तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक करेंगे। वेनेजुएला में उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया है। वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने डेल्सी से कार्यभार संभालने के लिए कहा है। ट्रम्प ने वेनेजुएला को अपने कंट्रोल में लिया अमेरिका के वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और राष्ट्रपति ट्रम्प के वेनेजुएला को अपने कंट्रोल में लेने की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय कानून और राष्ट्रपति की शक्ति को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। ट्रम्प प्रशासन ने अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है कि वे किस तरह से वेनेजुएला को चलाएंगे। जब ट्रम्प से पूछा गया कि क्या वेनेजुएला में शासन चलाने में मदद के लिए अमेरिकी सेना तैनात की जाएगी, तो उन्होंने जवाब दिया, "नहीं, अगर उपराष्ट्रपति वही करते हैं जो हम चाहते हैं, तो हमें ऐसा करने की जरूरत नहीं होगी।" इससे यह सवाल उठता है कि अगर रोड्रिग्ज पद छोड़ने से इनकार करती हैं तो अमेरिकी राष्ट्रपति वेनेजुएला का शासन कैसे चलाएंगे। कार्डोजो स्कूल ऑफ लॉ की प्रोफेसर और विदेश विभाग की पूर्व वरिष्ठ वकील रेबेका इंगबर ने कहा कि उन्हें अमेरिका के लिए वेनेजुएला को नियंत्रित करने का कोई कानूनी तरीका नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत यह एक अवैध कब्जा है और घरेलू कानून के तहत राष्ट्रपति को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है।